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1. बाबासाहेबजी ने समता सैनिक दल / SSD की स्थापना क्यो की थी?

उ.. देश मे फैले धार्मिक, सामाजिक तथा आर्थिक विषमताओ के विरोध में देश व्यापी सामाजिक समता का संघर्ष निर्माण कर देश मे सामाजिक और राजनीतिक समता प्रस्थापित करने हेतु.

 

2. बाबासाहेबजी ने समता सैनिक दल का मुख्य ध्येय क्या था??

उ. सामाजिक समता और राजनयिक सत्ता को प्राप्त करना.

 

3. बाबासाहेबजी ने समता सैनिक दल के सैनिकों को में कैनसी तीन महत्वपूर्ण बाते होना जरुरी कहा है?

उ. सैनिकों में 1. अनुशासन 2. ईमानदारी 3. संगठन के प्रति एकनिष्ठता.

 

4. बाबासाहेबजी ने इस दल का नाम "समता " ही क्यों रखा?

उ. क्योंकि विषमतावाले भारत को समताधिष्ठीत जो बनाना था.

 

5. बाबासाहेबजी ने इस दल का गठन कहा और वही पर क्यों किया?

उ. इस दल का गठन 19 मार्च 1927 को, याने महाड चवदार तले के सामाजिक समता के तहत अपने अधिकार को हासिल करने हेतु किए गए आन्दोलन एक दिन पहले किया था. क्योंकि सामाजिक समता का आगाज जो इस देश में वहाँ से करना था इसलिए उस जगह को दल के स्थापना के लिए चुना गया.

 

6. बाबासाहेबजी ने, समता सैनिक दल के कार्यान्वयन हेतु नियमावली अथवा ऐसा कोई संविधान जिस के अनुरूप यह दल चल सके?

उ. हाँ, बाबासाहेबजी ने अनुमति / अप्रुल किया हुआ समता सैनिक दल का संविधान हैं.

 

7. आज नामजद/व्यक्ति केंद्रीत, अनेको गुटों में बटे हुए और स्वयं समता सैनिक दल कहने वाले बाबासाहेबजी द्वारा अप्रुल संविधान पर चलते हैं क्या??

उ. नही, यह व्यक्ति केंद्रीत दल हुए हैं और वे अपने - अपने तरीके से चलते हैं. इनमे किसी भी प्रकार का सुसंवाद नही है और यही कारण है की इनमे एकता नहीं है.

 

8. वर्तमान में मौजूद सभी दल किस आधार पर काम कर रहे हैं??

उ. बाबासाहेबजी के नाम के आधार पर काम कर रहे हैं परंतु विभाजित होने के कारण सभी का अस्तित्व ना के बराबर दिख रहा है.

 

9. क्या समता सैनिक दल किसी राजनीतिक दल से संलग्न अथवा जुडी हुई थी?

उ. यह दल शड्युल्ड कास्ट फैडरेशन / SCF से जुडी हुई थी. बाद वह रिपब्लिकन से सलग्न थी.

 

10. जिस संगठन से समता सैनिक दल संलग्न थी वह राजनितीक दल अस्तित्व मे है?

उ. नही. ना SCF और ना बाबासाहेबजी के विचारों का RPI.

 

11. मौजूदा स्वयं को अम्बेडकरवादी कहने वाले नेता और उनके कार्यकर्ता बाबासाहेबजी के इस ऐतिहासिक धरोहर को सशक्त क्यों नही कर रहे हैं??

उ. क्योंकि ,उनको मात्र बाबासाहेबजी के नाम का फायदा उठाकर स्वयं का फायदा करना है. उनको बाबासाहेबजी के द्वारा दिए हुए समता सैनिक दल के अनुशासन मे रहने की आदत नही है, ईमानदारी वे मनुवादी राजनयिक दल जो उनको बढे पदोपर भिक स्वरुप में देते हैं उनसे करते हैं और प्रामाणिक वे अपने स्वयं के स्वार्थ के साथ है. इसके चलते कोई भी बडा नेता बाबासाहेबजी के इस ऐतिहासिक धरोहर को बढाना अथवा सशक्त करना नही चहता हैं. उनको यह भी डर है की SSD में आने से उनका स्वार्थ भरा एवं लाचारी वाला स्वतंत्र अस्तित्व ही नष्ट न हो जाएँ.

 

12. बाबासाहेबजी की स्वयं अनुशीलन वाली इतनी महत्वपूर्ण सैनिकी संघठना कमजोर क्यों हुई और उसके लिए कौन जिम्मेदार है??

उ. स्वयं को अम्बेडकरवादी कहने वाले सामान्य जनोंने बाबासाहेबजी के उस आदेश का पालन नही किया, जिसमें उन्होने कहा था की, " अनुसूचित जाति के सभी युवक और युवती इस दल के सदस्य होना है" , परंतु वैसा हुआ नही. बाबासाहेबजी के उपरांत उस समय के उच्च महत्वाकांक्षी नेताओं ने तथा उनके कार्यकर्ताओ ने स्वयं पर किसी भी प्रकार का अनुशासन नही चाहते थे और उन्होंने इस दल का मनोबल कम कर कमजोर करते रहे. मात्र कार्यक्रमों के चेअर लगाने और उठाने तथा नेताओ को सलामी देने का काम दल के सैनिकों दिया गया. जिसके चलते दल के टुकडे हुए और दुर्बल होता गया और आज के नवजवानों को तो बाबासाहेबजी के इस ऐतिहासिक धरोहर का पता भी नहीं है.

 

13. आज देश जो धार्मिक, सामाजिक ,आर्थिक , शैक्षिक तथा राजनयिक विषमता मे समता सैनिक दल की आवश्यकता कितनी हैं?

उ. आज देश को मनुवादीयों द्वारा सामाजिकता विषमता और भेदभाववालि हिन्दु धर्म संस्कृति के " हिन्दुत्व " को " राष्ट्रीयत्व " करने मे लगे हुए हैं. ऐसे समय में समता, स्वातंत्र, न्याय तथा बंधुता वाले भारतीय संविधान को बचाने का परम दायित्व समता सैनिक दल का है. यह तभी हो सकता है जब दल नवयुवको से ताकदवर होगा. सभी क्षेत्रों में समता लाने के लिए इस दल को हमे स्वयं को और परिवारजनो को शामिल कर सशक्त और ताकतवर बनाना हम सब का कर्तव्य है.

 

14. क्या समता सैनिक दल के सैनिकों को सैनिक बनते समय "सैनिक की शपथ " दी जाती हैं?

उ. हाँ, समता सैनिक दल मे सैनिक के रुप में अपना सामाजिक दायित्व को निभाने हेतु तैयार सैनिक को , अपने समाज के वंचित, दुर्बल और शोषण तथा दमन के शिकार लोगों को उनके इस दैयनिय अवस्था से बाहर लाने तथा उनके मानवीय अधिकारों एवं सामाजिक न्याय दिलाने हेतु हर पल संघर्ष करता रहेगा.

 

15. समता सैनिक दल यह सामाजिक है या धार्मिक???

उ. बाबासाहेबजी का यह सैनिकी आधार वाला संघठन पुरी तरह सामाजिक है.

 

16. आज के परिपेक्ष मे समता सैनिक दल का मुख्य ध्येस और उद्देश्य क्या है?

उ. " भारतीय संविधान " का प्रचार- प्रसार तथा उसके उद्देश्य के अनुसार समताधिष्ठीत भारत तथा गणतंत्र / रिपब्लिक भारत का निर्माण करना.

 

17. क्या घर वहाँ समता सैनिक, बस्ती वहाँ दल के युनिट की आवश्यकता है ??

उ. बहुत ही जरूरत है.

 

तो क्या, आप के अपने बस्ती में समता सैनिक दल का युनिट बनायेंगे??

" माँगने से भिक मिलती है और संघर्ष से अधिकार प्राप्त होते हैं. "

अब आप ही तैय करें की, भिक माँगना है या फिर संघर्ष करना है.

समता सैनिक दल, पुणे.

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